Organic Farming in India या जैविक खेती भारत में इसका क्या महत्व है?

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आपने Organic Farming या जैविक खेती के बारे में तो सुना होगा, भारत (India) में इसका बहुत महत्व है, लेकिन समय के साथ-साथ Organic Farming in India बहुत ही ज्यादा सीमित होकर रह गई है| इसकी बहुत सारी वजह है, जिसके बारे में मैं आपको आज इस आर्टिकल में बताने वाला हूं| आज हम अपने इस आर्टिकल में Organic Farming या जैविक खेती के बारे में ही बात करेंगे|

Organic Farming in India

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Organic Farming या जैविक खेती एक ऐसे प्रकार की खेती होती है, जिसे दुनियाभर में से सिर्फ भारत और चीन के किसान ही अच्छे तरीके से समझ सकते हैं| अगर हम पिछले 4000 सालों की बात करें तो भारत और चीन के किसान ही ऐसे हैं जिन्होंने Organic Farming को इतने वर्षों तक संभाले रखा| लेकिन आज के समय में जैविक खेती या Organic Farming बहुत ही सीमित होकर रह गई है|

इसकी मुख्य वजह है जनसंख्या का बढ़ना, मौसम में आए परिवर्तन, रासायनिक उर्वरक, कीटनाशक आदि का बहुत ज्यादा उपयोग होने लगा है| इन आर्टिफिशियल रसायन के कारण जो मिट्टी की सेहत पर बहुत ही ज्यादा बुरा प्रभाव पड़ने लगा है, इतना ही नहीं इसकी वजह से मानव शरीर भी बीमारियों का घर बन चुका है|

Organic Farming in India या जैविक खेती ना होने के कारण मनुष्य शरीर का तो नुकसान हो ही रहा है ऊपर से मिट्टी और वातावरण भी बहुत ज्यादा खराब हो रहा है| लेकिन अब हर देश की सरकार जैविक खेती की तरफ बड़ रही है, और अपने किसानों को भी जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं| भारत में भी सरकार किसानों को Organic Farming की तरफ जाने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं, और अनेक कार्यक्रम किए जा रहे हैं ताकि उन से किसानों को जोड़ा जाए, और किसानों को जैविक खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए|

जैविक खेती क्या है – What is Organic Farming)

Organic Farming या जैविक खेती, कृषि की एक ऐसी तकनीक है जिसकी मदद से कृत्रिम उर्वरकों और कृत्रिम कीटनाशकों का ना के बराबर प्रयोग या प्रयोग ना करना जैविक खेती कहलाता है| कृषि की इस विधि के अंदर गोबर, बकरी पालन से उत्पादित खाद, मुर्गी पालन से उत्पादित खाद, हरी खाद आदि का प्रयोग किया जाता है| इसका फायदा यह होता है कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है और मिट्टी बहुत ही ज्यादा उपजाऊ हो जाती है| इसका एक और फायदा भी है Organic Farming की वजह से पर्यावरण और मनुष्य पर इसका कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ता|

Organic Farming in India – भारत में जैविक खेती

अगर हम 2003 से 2004 की बात करें इन सालों में India में जैविक खेती 42,000 हेक्टेयर जमीन पर की जाती थी, लेकिन वर्ष 2010 आते-आते यह क्षेत्रफल 45 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया| भारत में जैविक खेती (Organic Farming in India) तीन श्रेणियों में की जाती है|

अगर हम पहली श्रेणी की बात करें तो इसमें किसान प्राचीन काल की तरह जिस विधि का उपयोग किया जाता था, उसी विधि को अपनाकर आज भी खेती कर रहे हैं| भारत में ऐसे बहुत सारे क्षेत्र हैं जहां पर रासायनिक खेती की विधि अभी तक नहीं पहुंची है, इसकी वजह अलग-अलग हो सकती है या तो उन किसानों के पास इतने संसाधन नहीं है |

अगर हम दूसरी श्रेणी की बात करें तो इसमें वह किसान आते हैं जो रासायनिक खेती से होने वाले नुकसान को उठा चुके हैं, यानी कि उनकी जमीन की उपजाऊ शक्ति कम हो गई है, या पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है| इसमें यह भी हो सकता है कि उनकी उत्पादन करने की जो लागत है उसमे बहुत ज्यादा बढ़ोतरी हो चुकी है| इसलिए आज वह भी जैविक खेती अर्थात Organic Farming की मुड रहे हैं| Organic Farming in India

अब अगर हम तीसरी श्रेणी की बात करें तो इसके अंदर बड़े बिजनेस वाले किसान या फिर खेती से जुड़ी हुई ऐसी इकाइयां आती है, जिन्होंने अपना दिमाग लगाकर Organic Farming दोबारा से शुरू करी, क्योंकि वह जानते हैं कि अब जैविक खेती का बाजार गर्म होने वाला है, क्योंकि लोग अपनी सेहत की तरफ ध्यान देने लगे हैं और मिलावटी अर्थात रसायनिक सब्जियां खाना पसंद नहीं करते हैं| Organic Farming in India

जैविक खेती के लाभ – Advantages of Organic Farming

यदि किसान जैविक खेती(Organic Farming) करता है तो, तो इससे सिर्फ किसानों को ही नहीं बल्कि पूरी मानव सभ्यता को फायदा होता है और इतना ही नहीं किसानों की अपनी मिट्टी दी पूरी तरह से उपजाऊ रहती है|

जब किसान अपनी मिट्टी में पशुजन्य या नैसर्गिक खाद को प्रयोग में लाता है, तो किसान की भूमि और अधिक उपजाऊ हो जाती है| Organic Farming in India

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यदि किसान अपनी भूमि पर रासायनिक खाद का उपयोग करता है, तो किसान की भूमि धीरे-धीरे अपने अंदर पानी को संभालने की शक्ति को खोटी रहती है| एक समय ऐसा आता है मिट्टी अपने इस गुण को पूरी तरह से खो देती है| इससे नुकसान यह होता है कि किसान को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है|

कम समय के अंतराल में सिंचाई करनी पड़ती है, यही कारण है कि अगर किसान अपनी भूमि पर जैविक खेती करता है तो उसकी मिट्टी की उपजाऊ शक्ति में वृद्धि होती रहती है, और साथ ही साथ मिट्टी के अपने गुण भी उस में समाए रहते हैं और इससे किसान को बार-बार सिंचाई करने नहीं पड़ती अपितु लंबे अंतराल के बाद सिंचाई करनी पड़ती है|Organic Farming in India

इसका तीसरा फायदा यह है कि जब किसान रासायनिक खाद का उपयोग करता है, तो उससे किसान की लागत में वृद्धि होती है क्योंकि उसे अलग से रसायनिक खाद खरीदनी पड़ती है, लेकिन अगर किसान नैसर्गिक खाद या फिर पशुजन्य खाद का उपयोग करता है तो किसान की लागत ना के बराबर हो जाती है, और किसान इस खाद का उत्पादन स्वयं ही कर सकता है| क्योंकि अगर किसान खेती के साथ-साथ पशुपालन भी करता है तो उसे किसान को दुगना फायदा होता है| वह पशुपालन से दूध और दूध से बने प्रोडक्ट बेच भी सकता है और पशुखाद्य का उपयोग अपनी खेती के लिए भी कर सकता है| जिससे किसान को और अधिक मुनाफा होगा|

यदि किसान Organic Farming करता है और उसमें कोई भी रसायन खाद का उपयोग नहीं करता, इससे किसान की भूमि की उत्पादन क्षमता बढ़ जाती है और इससे मिट्टी पर जरा सा भी बुरा प्रभाव नहीं पड़ता| बल्कि यदि किसान नैसर्गिक खाद का उपयोग करता है तो उससे मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बहुत ज्यादा बढ़ जाती है|

जैविक खेती करने से और इसमें जरा सा भी रसायन उपयोग न करने से मिट्टी की अपनी जल संरक्षण शक्ति बनी रहती है, इसमें जरा सी भी कमी नहीं आती, और इसमें किसान की मेहनत भी कम लगती है क्योंकि उसे बार-बार सिंचाई करने नहीं जाना पड़ता और वह लंबे अंतराल के बाद सिंचाई कर सकता है| Organic Farming in India

यदि किसान जैविक खेती करता है, रसायनिक खेती की तुलना में पानी जल्दी मिट्टी से भाप के रूप में नहीं उड़ता|

यदि किसान जैविक खेती करेगा तो वह खुद से ही मानव सभ्यता का बचाव करेगा क्योंकि रासायनिक खेती करने से मनुष्य में बहुत सारी बीमारियां जन्म लेती हैं, इसमें कैंसर बहुत ही ज्यादा मुख्य है| तो जाने अनजाने में किसान अपना मुनाफा पाने के लिए उन सभी लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर देते हैं जिन्होंने कभी भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ा होता, और जैविक खेती करने से शरीर पर कोई बीमारी नहीं लगती इससे किसान के साथ-साथ पूरा देश खुशहाल रहता है|

यदि किसान ऑर्गेनिक खेती करता है, तो यह एकदम केमिकल फ्री होती है जिससे इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत बहुत ही ज्यादा बढ़िया होती है क्योंकि है अंतरराष्ट्रीय बाजार में सभी मापदंडों में एकदम खरा उतरता है| और यदि किसान जैविक खेती करता है तो उसकी आय में वृद्धि बहुत ज्यादा हो जाती है|

जैविक खेती से उगाए उत्पादों की गुणवत्ता (Quality of Food in Organic Farming)

रसायनिक पदार्थों का इस्तेमाल करके उगाए गए खाद्य पदार्थों में विषाक्त स्तर उच्च होता है, इस प्रकार की कृषि का विश्लेषण करें तो इसके अंदर कोई दोष तो नहीं है बल्कि दोष यहां पर आता है इसके अंदर उपयोग की जाने वाली कीटनाशकों और रसायनों का क्योंकि इनका बहुत ही ज्यादा इस्तेमाल होता है| यह भी हो सकता है कि इसमें किसान कम समय में ज्यादा उत्पादन और ज्यादा कमाई भी करना चाहते हो| Organic Farming in India

यदि हम जैविक खेती की बात करें तो इस प्रकार उगाए गए खाद्य पदार्थों में विषाक्त स्तर बिल्कुल नहीं होता | और इसका स्वाद रसायनिक खेती से उत्पन्न खाद्य पदार्थों से ज्यादा बेहतर होता है, लेकिन यह मेरा मानना है सबका ओपिनियन अलग हो सकता है इसमें| अगर हम Organic Farming से उगाए गए खाद्य पदार्थों की बात करें तो उनका आकार, रंग और मात्रा भिन्न होती है और यह निर्भर करती है तापमान और जलवायु पर|

जैविक खेती करके उगाई गई फसलों में विटामिंस और मिनरल्स प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होते हैं| इस तरह की खेती करने पर खाद्य पदार्थों में नाइट्रेट की मात्रा ना के बराबर होती है| इसलिए यह माना जाता है और अब वैज्ञानिक भी यही मानते हैं Organic Farming in India में पोषक तत्व बहुत अधिक मात्रा में पाए जाते हैं|

भारत में जैविक खेती – Organic Farming in India

अगर हम जैविक खेती की बात करें तो यह प्राचीन काल से भारत में विद्यमान है, प्राचीन काल से ही किसान अपनी खेती के लिए जैविक तरीका ही अपनाते आए हैं और आज के समय में भी बहुत सारे ऐसे किसान हैं जो इसी बात पर भरोसा रखते हैं कि वह जैविक खेती ही करें| क्योंकि बहुत सारे किसानों को यह पता है कि रासायनिक खेती करने से हम इंसानी सभ्यता को बहुत खतरे में डाल रहे हैं| Organic Farming in India

हम जाने अनजाने में बड़ा पाप कर रहे हैं, क्योंकि ऐसे बहुत से लोग होंगे जो रसायनिक खेती से उपजे खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, जिन्होंने किसी का कुछ नहीं बिगड़ा| भारत में बहुत थोड़ी मात्रा में कुछ ऐसा किसान है और इकाइयां है जो सिर्फ अपनी आय की तरफ ध्यान देते हैं, मुझे लगता है ऐसे किसानों और इकाइयों को पहले यह सोचना चाहिए कि हम कुछ पैसे के लिए बहुत से इंसानों की जान को खतरे में डाल रहे हैं|

आज के इस आर्टिकल में मैंने आपको बताया जैविक खेती के बारे में और Organic Farming in India या जैविक खेती का भारत में क्या महत्व है| तो मुझे आशा है आपको यह आर्टिकल जरूर पसंद आया होगा| क्योंकि मेरी हमेशा से कोशिश किया रहती है कि हमारे वेबसाइट पर आने वाले सभी रीडर को जानकारी विस्तार से दी जाए| अगर आपको यह Organic Farming से जुड़ी जानकारी अच्छी लगी, तो इसे अपने सोशल मीडिया फेसबुक और व्हाट्सएप पर ज्यादा से ज्यादा जरूर शेयर करें| अगर आप भी कुछ जैविक खेती से जुड़े तथ्य रखना चाहते हैं और अगर आपका कोई सवाल या सुझाव है तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में हमें जरूर बताएं|

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