Web Hosting क्या है, वेब होस्टिंग कहां से खरीदनी चाहिए?

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वेब होस्टिंग क्या है (Web Hosting Kya hai) आज के आर्टिकल में आप इसी बारे में जानने वाले हैं, अपने लिए एक वेबसाइट का बनाना बहुत बड़ी बात होती है और उससे बड़ी बात यह होती है कि वेबसाइट को मेंटेन करना, अगर आपके पास यह नॉलेज नहीं है तो आपके लिए बहुत ही ज्यादा मुश्किल हो सकती है| एक वेबसाइट बहुत सारी चीजें ध्यान में रखकर बनाई जाती है, जैसे कि अपनी वेबसाइट के लिए बढ़िया Domain Name और Web Hosting यह दोनों बहुत ही जरूरी होती हैं, और यही दोनों चीजों से वेबसाइट की पहचान होती है|

Types of Hosting
Web Hosting क्या है, वेब होस्टिंग कहां से खरीदनी चाहिए?

अगर आप नया-नया ब्लॉगिंग स्टार्ट करना चाहते हैं, तो नहीं ब्लॉगर को Web Hosting के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती है, बस यही कारण है कि नए ब्लॉगर अपने लिए गलत और बेकार वेब होस्टिंग चुन लेते हैं जिस वजह से उन्हें आगे चलकर बहुत ही ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है| तो आज की शक्ल में मैं आपको बताने वाला हूं Web Hosting Kya hai ( वेब होस्टिंग क्या है) और यह कितनी तरह की होती है| इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आप कभी भी गलत होस्टिंग का चुनाव नहीं करेंगे|

इंटरनेट क्या है? [Internet Kya hai]

घबराइए नहीं, वेब होस्टिंग के बारे में जानने से पहले आपको इंटरनेट के बारे में यह बेसिक जानकारी होने बहुत ही ज्यादा जरूरी है इसलिए पहले जाने Internet Kya hai. इंटरनेट एक इंटरकनेक्टेड नेटवर्क है और यह बहुत ही बड़ा है एक उदाहरण के तौर पर समझते हैं इंटरकनेक्टेड का मतलब क्या है, इसका मतलब है एक दूसरे से कनेक्टेड या जुड़ा हुआ, आप सभी जानते हैं आज पूरी दुनिया चाहे वह मोबाइल हो या फिर कंप्यूटर या लैपटॉप यह सभी डिवाइस एक नेटवर्क से जुड़े हैं, इतना तो आप जानते ही होंगे|

अगर आपके घर में दो कंप्यूटर हैं, और आपने उन दोनों कंप्यूटर को आपस में कनेक्ट कर रखा है किसी तार से तो उसे भी इंटरनेट ही कहा जाता है, क्योंकि वह आपस में कनेक्टेड है| चलिए अब एक बड़ा एग्जांपल लेते हैं अभी आप यह आर्टिकल इंटरनेट से पढ़ रहे हैं और यह पब्लिक नेटवर्क से जुड़ा हुआ है, तो आप जिस डिवाइस में भी यह आर्टिकल पढ़ रहे हैं, वह भी एक इंटरनेट का हिस्सा है| इसे वेब सर्वर या फिर या घोस्ट भी कहा जाता है|

तो अभी शायद आपके दिमाग में यह भी आ सकता है, कि यदि आपका कंप्यूटर एक तरह का सरवर है तो कोई दूसरा व्यक्ति दुनिया के किसी दूसरे कोने में बैठा हुआ आपके कंप्यूटर में क्यों नहीं देख सकता? तो मैं इसका जवाब देना चाहूंगा, कि हर कंप्यूटर और मोबाइल के अंदर एक प्राइवेसी और सिक्योरिटी होती है बस यही कारण है कि आपके अलावा आपके डिवाइस के अंदर मौजूद डाटा को कोई और नहीं देख सकता, जब तक कि आप अपने डिवाइस में मौजूद सिक्योरिटी को हटाकर पब्लिक एक्सेस कर देते हैं|

यदि आप ऐसा कर देते हैं तो कोई भी दुनिया में कहीं कोने में बैठा हुआ इंसान आपके डिवाइस में देख सकता है| चलिए बात करते हैं Web Hosting Kya hoti hai? वेब होस्टिंग क्या होती है|

Web Hosting Kya hai [What is Web Hosting in Hindi]

Web Hosting एक ऐसी सर्विस है जो वेबसाइट को इंटरनेट में जगह प्रदान करती है| यही वजह होती है कि किसी भी कंपनी की, या फिर किसी व्यक्ति की वेबसाइट इंटरनेट के जरिए दुनिया की किसी भी भाग से एक्सेस की जा सकती है| अभी यहां पर जगह देने से क्या मतलब है आपके वेबसाइट के सभी फाइल, फोटो और वीडियो सभी को एक कंप्यूटर पर तोर करके रखता है इसी को ही वेब सर्वर कहा जाता है|

वह कंप्यूटर हर समय 24X7 और 365 दिन इंटरनेट से कनेक्ट रहता है| वेब होस्टिंग की सर्विस अलग-अलग कंपनियां हमें देती हैं उदाहरण के लिए – Hostinger, Godaddy, Bluehost आदि इन्हें Web Host भी कहा जाता है|

इसका मतलब है कि हम अपनी वेबसाइट को किसी बड़े पावरफुल कंप्यूटर (Web Server) पर स्टोर करते हैं जिसे हम अपनी वेबसाइट में मौजूद सभी डाटा को कॉल करने का किराया देते हैं, उदाहरण के तौर पर यदि आप कोई दुकान किराए पर लेते हैं और अपने सामान को उस दुकान पर रखकर अपने कस्टमर को दिखाते हैं|

वेब होस्टिंग काम कैसे करती है ? How does Web Hosting work

जब अपना वेबसाइट को बनाते हैं हम चाहते हैं कि हम अपनी नॉलेज और इंफॉर्मेशन को लोगों तक पहुंचाएं, तो उसके लिए हमारे को अपनी फाइल स्कोर वेब होस्टिंग पर डालना पड़ता है|

यह प्रक्रिया होने के बाद जब भी कोई इंटरनेट का यूजर अपने वेब ब्राउज़र की मदद से आपके डोमेन नेम को टाइप करता है उदाहरण के लिए www.hellohoneyhira.com फिर इंटरनेट उसके वेब ब्राउज़र को आपके डोमेन नेम पर वेबसाइट से जोड़ देता है जहां पर भी आपकी वेबसाइट की फाइल स्टोर हो रखी होती है| इसके बाद वेबसाइट में जितना भी इंफॉर्मेशन होता है वह उस यूजर तक पहुंच जाता है, उसके बाद यूजर अपने हिसाब से पेज देखता रहता है|

किसी भी डोमेन नेम इनको होस्टिंग के साथ कनेक्ट करने के लिए DNS की आवश्यकता पड़ती है| DNS की Full Form होती है Domain Name System. इसके बाद डोमिन को यह पता चल जाता है कि आपकी वेबसाइट कौन से सरवर में रखी हुई है, क्योंकि सभी सरवर का अपना ही अलग DNS होता है|

वेब होस्टिंग कहां से खरीदें ? Web Hosting kahan se Kharide ?

पूरी दुनिया में बहुत बड़ी बड़ी कंपनियां है जो एक से एक होस्टिंग प्रोवाइड करती हैं, तो यदि आप चाहते हैं एक बढ़िया होस्टिंग खरीदना उसके लिए एक बढ़िया होस्टिंग प्रोवाइडर होना बहुत ज्यादा जरूरी है आप ऐसे ही किसी से भी होस्टिंग नहीं खरीद सकते इससे नुकसान होता है, नुकसान यह होता है कि यदि आपको होस्टिंग के बारे में कोई जानकारी नहीं है और आप कोई बेकार Web Hosting खरीद लेते हैं जो आपकी वेबसाइट की रैंकिंग में बहुत फर्क पड़ता है क्योंकि बहुत सारी होस्टिंग इतनी बेकार होती है कि आपकी वेबसाइट का लोडिंग टाइम बहुत ज्यादा बढ़ा देती है जिससे आपकी वेबसाइट कभी भी गूगल पर रैंक नहीं कर सकती|

तो ऐसे में एक बढ़िया होस्टिंग का होना बहुत ही ज्यादा जरूरी है, अब बात करते हैं कि होस्टिंग कहां से लेनी चाहिए मैं आपको सलाह दूंगा कि आप होस्टिंग Hostinger वेबसाइट से ले, क्योंकि यह वेबसाइट बहुत ही उच्च कोटि की होस्टिंग प्रोवाइड करती है| इसके साथ साथ आपको अलग-अलग ऑफर भी देती है, और यह दूसरी Web Hosting प्रोवाइडर से बहुत सस्ती Web Hosting देते हैं|

जैसे अगर आप Hostinger वेबसाइट से Web Hosting लेते हैं तो आपको उसके साथ फ्री Domain Name मिलता है और फ्री में SSL Certificate भी मिलता है और भी बहुत सारे फीचर यह वेबसाइट आपको देती है| तो मैं आपको सलाह दूंगा अगर आप अपनी वेबसाइट की रैंकिंग को भविष्य में तेजी से बढ़ाना चाहते हैं तो आपको Hostinger से Web Hosting लेनी चाहिए|

वेब होस्टिंग लेते समय आपको बहुत ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि यह वेबसाइट के लिए बहुत ही ज्यादा जरूरी होती है इसलिए हमेशा भरोसे वाले वेब होस्टिंग प्रोवाइडर से ही होस्टिंग लेनी चाहिए| नीचे दिए गए कुछ वेब होस्टिंग प्रोवाइडर काफी अच्छी होस्टिंग पर वाइट करते हैं|

  • Hostinger
  • Godaddy
  • Bluehost
  • Bigroack
  • Hostgator

वेब होस्टिंग खरीदने से पहले, यह जानकारियां जरूर पढ़ें|

आपको वेब होस्टिंग बहुत सारी कंपनियों से मिल जाएगी आपके पास ढेरों ऑप्शन है लेकिन होस्टिंग खरीदने से पहले आपको बहुत सारी जानकारी और ले लेनी चाहिए उसके बाद ही आपको डिसाइड करना चाहिए कि कौन सी कंपनी से आप Web Hosting ले|

Disk Space

आपकी वेबसाइट की होस्टिंग कि एक स्टोरेज कैपेसिटी होती है उसे डिस्क स्पेस कहते हैं| यदि आपके पास कंप्यूटर या फिर लैपटॉप है तो आपने उसके अंदर 500GB की, एक TB की या फिर उससे ज्यादा की हार्डडिस्क लगाई होती है जो आपके कंप्यूटर या फिर लैपटॉप की स्टोरेज होती है, ठीक उसी तरह जो भी आप होस्टिंग लेते हैं उसकी स्टोरेज को Disk Space कहते हैं| अगर आपके लिए पॉसिबल हो तो आप अनलिमिटेड डिस्क स्पेस वाली होस्टिंग ले, इससे यह फायदा होगा कि आपको डिस्क फुल होने की कोई टेंशन नहीं होगी|

Bandwidth

आप 1 सेकेंड के अंदर अपनी वेबसाइट में मौजूद कितना डाटा एक्सेस कर सकते हैं उसे Bandwidth कहा जाता है| जब भी कोई आपकी वेबसाइट का यूआरएल डालता है, और आपकी वेबसाइट को एक्सेस करना चाहता है तो उसे सरवर की तरफ से डाटा यूज़ करने के लिए इंफॉर्मेशन शेयर करता है, इसमें Bandwidth का काम आता है और यदि आपकी वेब होस्टिंग की Bandwidth कम होगी और यदि आपके विजिटर ज्यादा होंगे तो आपकी वेबसाइट डाउन हो सकती है| इसलिए High Bandwidth वाली होस्टिंग खरीदें|

Uptime

आपकी वेबसाइट ऑनलाइन या अवेलेबल कितने समय तक रहती है इसी समय को Uptime कहा जाता है| कभी-कभी कुछ ऐसी दिक्कतें आती हैं जिसकी वजह से हो सकता है आपकी वेबसाइट डाउन हो जाती है, मतलब यूजर्स को आपकी वेबसाइट को एक्सेस करने में प्रॉब्लम होती है या वह खोल नहीं पाते इसी को वेबसाइट का Downtime कहते हैं| आजकल हर वेब होस्टिंग कंपनियां 99.99% के Uptime की गारंटी देती है|

Customer Services

आजकल हर होस्टिंग कंपनियां यह दावा करती हैं कि वह 24X7 आपको कस्टमर सर्विस प्रोवाइड करती हैं, लेकिन सच में ऐसा होता नहीं है, मैं बहुत सारी होस्टिंग सर्विस यूज करी है लेकिन उनमें से मुझे सबसे बेहतर Godaddy और Hostinger की लगी है|

वेब होस्टिंग के प्रकार – Types of Web Hosting

अब तक मैंने आपको विस्तार से बताया Web Hosting Kya hai (What is Web Hosting) यह किस तरह काम करती है| सब जानते हैं वेब होस्टिंग कितनी तरह की होती है (Types of Web Hosting in Hindi) लेकिन आज के इस आर्टिकल में मैं आपसे सिर्फ उन्हीं वेब होस्टिंग के बारे में बात करूंगा जो आज के समय में सबसे ज्यादा प्रयोग में लाई जाती है| तो वेब होस्टिंग 4 तरह की होती है|

  • Shared Web Hosting
  • VPS (Virtual Private Server)
  • Dedicated Hosting
  • Cloud Web Hosting

शेयर्ड वेब होस्टिंग (What is Shared Web Hosting)

इसके बारे में हम एक एग्जांपल के तौर पर समझते हैं, मान लीजिए जब हम कोई नौकरी के लिए अपने गांव से या शहर से बाहर जाते हैं तो हम कोई किराए का कमरा लेते हैं जहां पर हमारे साथ दूसरे और लोग रहते हैं यानी कि हम अपने रूम को दूसरे लोगों के साथ शेयर करते हैं, बस इसी तरह आप समझिए शेयर्ड वेब होस्टिंग (Shared Web Hosting) को यह भी ऐसे ही काम करती है|

Shared Web Hosting के अंदर एक बहुत बड़ा सरवर होता है और उस सरवर के अंदर लाखों वेबसाइट और उनकी फाइलें एक ही जगह पर एक सरवर कंप्यूटर के अंदर स्टोर करके रखी जाती हैं, इसलिए इस होस्टिंग को Shared Hosting कहा जाता है|

यदि कोई नया ब्लॉगर अपने लिए एक नई वेबसाइट बनाता है तो उसके लिए Shared Web Hosting सबसे बेहतरीन होती है, क्योंकि यह सस्ती भी होती है| जब तक आपकी वेबसाइट के अंदर ट्रैफिक की संख्या कम होती है तब तक यह Shared Web Hosting आपके काम की है लेकिन जैसे-जैसे आपकी वेबसाइट में विजिटर बढ़ने लगते हैं तो आपको होस्टिंग चेंज करनी पड़ती है, क्योंकि इससे आपकी वेबसाइट स्लो हो जाती है|

इसके अंदर यदि कुछ वेबसाइट मैं ट्रैफिक बहुत ज्यादा बढ़ने लगता है उनके कारण दूसरी वेबसाइट चलो हो जाती हैं, इसकी वजह यह है कि वह सभी वेबसाइट उस एक सर्वर का CPU और RAM का इस्तेमाल करती हैं| लेकिन Shared Hosting नए ब्लॉगर्स के लिए अच्छी होती है|

शेयर्ड होस्टिंग के फायदे (Advantages of Shared Hosting)

  • इस होस्टिंग का इस्तेमाल और इसी सेट अप करना बहुत ही आसान होता है|
  • नए ब्लॉगर और बेसिक वेबसाइट के लिए यह सबसे बढ़िया ऑप्शन है|
  • यह बहुत कम कीमत में मिल जाती है, और इसे कोई भी खरीद सकता है|
  • इसका कंट्रोल पैनल बहुत ही आसान होता है और user-friendly होता है|

शेयर्ड होस्टिंग के नुकसान (Disadvantage of Shared Hosting)

  • इसके अंदर आपको रिसोर्सेज बहुत ही कम मिलते हैं
  • शेयर्ड होस्टिंग में आप अपनी वेबसाइट Shared Server में डालते हैं जहां पर दूसरी वेबसाइट भी मौजूद होती हैं
  • इसलिए आपकी वेबसाइट की परफॉर्मेंस ऊपर नीचे होती रहती है|
  • शेयर्ड होस्टिंग की अगर हम सिक्योरिटी की बात करें तो वह इतनी बेहतर नहीं होती है|
  • बहुत ही कंपनियां शेयर्ड होस्टिंग (Shared Hosting) मैं ज्यादा सपोर्ट प्रदान नहीं करती हैं|

वीपीएस होस्टिंग (What is VPS Hosting)

अब इसे भी हमें एक उदाहरण के तौर पर समझते हैं मान लीजिए आप किसी होटल पर जाते हैं और वहां पर एक रूम किराए पर लेते हैं, और उस रूम में हर चीज पर सिर्फ आपका ही हक होता है| इसमें आप सरवर किसी भी दूसरे के साथ शेयर नहीं करते हैं| अगर हम वीपीएस होस्टिंग (VPS Hosting) की बात करें तो यह Visualization Technology पर काम करती है| इसके अंदर एक बहुत ही ज्यादा सिक्योर सर्वर और बहुत ही ज्यादा ताकतवर सरवर होता है जिसे अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया जाता है|

इसमें हर वर्चुअल सर्वर के लिए अलग-अलग Resource निर्धारित की जाते हैं, इसका मतलब यह है कि जितने भी resource की आपके वेबसाइट को जरूरत है वे उतना ही इस्तेमाल करेगा| इसके अंदर आप किसी दूसरी वेबसाइट के साथ जगह को शेयर नहीं करते हैं, इसलिए आपकी वेबसाइट की सिक्योरिटी और उसकी परफॉर्मेंस बहुत ज्यादा बढ़ जाती है|

VPS Hosting शेयर्ड होस्टिंग के मुकाबले महंगी होती है, इसका इस्तेमाल बड़ी वेबसाइट वाले करते हैं जिनकी वेबसाइट पर अच्छा खासा ट्रैफिक आता है| यदि आप चाहते हैं कि आपकी वेबसाइट की परफॉर्मेंस बेहतर हो और आप एक अलग सरवर लेना चाहते हैं तो आप वीपीएस होस्टिंग खरीद सकते हैं|

वीपीएस होस्टिंग के फायदे (Advantages of VPS Hosting)

  • वीपीएस होस्टिंग में आपकी वेबसाइट के लिए काफी अच्छी परफॉर्मेंस मिलती है|
  • इसके अंदर आपको अपनी होस्टिंग के लिए पूरा कंट्रोल मिलता है|
  • इसके अंदर आपको बहुत ही ज्यादा फ्लैक्सिबिलिटी मिलती है, जिससे आप अपने ही तरीके से अपनी वेबसाइट की Bandwidth, मेमोरी कस्टमाइज कर सकते हैं|
  • अगर हम Dedicated Hosting से तुलना करें यह उससे कम कीमत में मिल जाती है, इसलिए से कोई भी खरीद सकता है वेबसाइट पर अच्छा ट्रैफिक आता है|
  • इसके अंदर आपको प्राइवेसी और सिक्योरिटी बहुत ही ज्यादा बेहतर मिलती है|
  • अगर हम कस्टमर सपोर्ट की बात करें तो इसमें आपको शेयर्ड होस्टिंग के मुकाबले बहुत ही अच्छा सपोर्ट मिलता है|

वीपीएस होस्टिंग के नुकसान (Disadvantages of VPS Hosting)

  • इसके अंदर आपको Dedicated Hosting के मुकाबले कम resource मिलते हैं|
  • यदि आप इसका इस्तेमाल करना चाहते हैं तो आपको टेक्निकल नॉलेज होनी चाहिए|

डेडीकेटेड होस्टिंग (What is Dedicated Hosting)

अब हम इसे एक उदाहरण के तौर पर समझते हैं Dedicated Hosting vs Shared Hosting के मुकाबले बिल्कुल ही उलट होती है, जैसे कि मैंने आपको ऊपर बताया था शेयर्ड होस्टिंग में आप बहुत सारी वेबसाइट के साथ एक सरवर को शेयर करते हैं लेकिन Dedicated Hosting में इसका एकदम उल्टा होता है इसमें ऐसा होता है कि मान लीजिए आप अकेले एक बहुत बड़े घर में रह रहे हैं और उस घर की सारी की सारी जिम्मेदारी आपकी है और आप अपने अलावा किसी और को इस घर में रहने की इजाजत नहीं देते हैं ठीक उसी तरह Dedicated Hosting काम करती है|

Dedicated Hosting का सरवर सिर्फ एक ही वेबसाइट की फाइलों को स्टोर करता है यही वजह है कि इस सर्वर की स्पीड बहुत ही ज्यादा तेज होती है| यह सरवर किसी के साथ शेयर नहीं होता है, अगर हम इसकी कीमत की बात करें तो Dedicated Hosting सबसे महंगी होती है, क्योंकि इसका किराया सिर्फ एक ही व्यक्ति भरता है|

यह डेडीकेटेड होस्टिंग केवल वही खरीदते हैं जिसकी वेबसाइट में बहुत ही ज्यादा ट्रैफिक आता है और यह उनके लिए बहुत सही होती है, क्योंकि वह अपनी वेबसाइट से अच्छा खासा पैसा कमाते हैं और उन्हें अपनी वेबसाइट पर आने वाले visitor को अपनी वेबसाइट में परफॉर्मेंस देनी पड़ती है| इसका इस्तेमाल बड़ी-बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियां करती हैं जैसे कि Amazon, Snapdeal, Flipkart आदि|

डेडीकेटेड होस्टिंग के फायदे (Advantages of Dedicated Hosting)

  • इसके अंदर क्लाइंट को सरवर का पूरा कंट्रोल दिया जाता है और उसे फ्लैक्सिबल बनाया जाता है| ताकि उसके इस्तेमाल में कोई परेशानी ना आए|
  • ऊपर बताई दोनों पोस्टिंग के मुकाबले Dedicated Hosting कि सिक्योरिटी और परफॉर्मेंस सबसे ज्यादा होती है|
  • इसकी स्टेबिलिटी वीपीएस होस्टिंग और शेयर्ड होस्टिंग के मुकाबले बहुत ही ज्यादा होती है|
  • इसके अंदर क्लाइंट को Full root/administrative access के फायदे मिलते हैं|

डेडीकेटेड होस्टिंग के नुकसान (Disadvantages of Dedicated Hosting)

  • यह सभी होस्टिंग के मुकाबले बहुत ही ज्यादा महंगी होती है|
  • इसका इस्तेमाल करने के लिए आपको बहुत ही ज्यादा टेक्निकल नॉलेज की आवश्यकता होती है|
  • इसके अंदर कोई भी प्रॉब्लम आती है, तो आप उसे बिना नॉलेज के खुद solve नहीं कर सकते हो जिसके लिए आपको टेक्नीशियन को hire करना पड़ता है|

क्लाउड वेब होस्टिंग (What is Cloud Web Hosting)

अगर हम क्लाउड होस्टिंग (Cloud Hosting)की बात करें तो यह दूसरे क्लस्टर्ड सरवर के resource का इस्तेमाल करती है, मतलब की आपकी वेबसाइट किसी दूसरे सरवर में मौजूद एक वर्चुअल resource का उपयोग करती है|

इसके अंदर लोड को बैलेंस किया जाता है और इसके साथ साथ इसकी सिक्योरिटी का भी बहुत अच्छे से ध्यान दिया जाता है| इसके अंदर अगर हम हार्डवेयर resource की बात करें तो वह भी वर्चुअल होते हैं,और इसे कहीं पर भी और कभी भी इस्तेमाल किया जा सकता है| यह जो Cluster of server होते हैं उन्हें क्लाउड कहा जाता है|

क्लाउड होस्टिंग के फायदे (Advantages of Cloud Hosting)

  • इसके अंदर सर्वर डाउन होना ना के बराबर होता है, क्योंकि हर चीज क्लाउड में अवेलेबल होती है|
  • इसके अंदर हाई ट्रेफिक को भी बड़ी आसानी से मैनेज किया जा सकता है|

क्लाउड होस्टिंग के नुकसान (Disadvantages of Cloud Hosting)

  • इसके अंदर आपको रूट एक्सेस नहीं मिलता है|
  • बाकी होस्टिंग के मुकाबले यह बहुत ही ज्यादा महंगी होती है|

सारांश

तो आज के साइकल में मैंने आपको बताया Web Hosting क्या है? और Types of Web Hosting इसके बारे में हमने विस्तार से सीखा| मैं हमेशा से यही कोशिश करता हूं कि जितने भी वेबसाइट पर रीडिर्थ आते हैं उन्हें about Web Hosting के बारे में पूरी जानकारी दी जाए, जिससे वह कोई दूसरी वेबसाइट पर या इंटरनेट पर किसी भी टॉपिक के बारे में कहीं और ना जाएं ताकि उनका समय बचे|

अगर आपका कोई भी सवालिया सुझाव है तो आप हमें नीचे कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं| आप इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ या अपने सगे संबंधियों के साथ अपने फेसबुक और व्हाट्सएप पर जरूर शेयर करें इससे मुझे मोटिवेशन मिलेगी ताकि मैं आपके लिए और ज्यादा नॉलेज शेयर कर सकूं|

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Hey, I’m Honey Hira, A Full Time Blogger & Youtuber, Founder of HelloHoneyHira and Takniki Guruji YT, Here you will find Social Media Tips and Tech Tips in Hindi. Check out my YouTube Channel Takniki Guruji.

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